टॉप 21 बेबी केयर टिप्स – Top 21 Baby Care Tips in Hindi

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बच्चों की केयर करना हर माता पिता के लिए कठिन होता है। हालांकि बच्चों की देखभाल (Baby Care Tips) को लेकर कुछ मूलभूत बातें हर माता पिता को जरूर जाननी चाहिए इसलिए आज हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसे ही बेबी केयर टिप्स जो आपको कभी नहीं भूलने चाहिए।

टॉप बेबी केयर टिप्स – Top Baby Care Tips in Hindi

  1. बच्चे की गर्भनाल का खास ख्याल रखें
  2. बच्चे के रोने पर ध्यान दें
  3. डॉक्टर के पास जाने में देर न करें
  4. बच्चे को अकेला न छोड़े
  5. स्किन टू स्किन टच
  6. सफाई का ध्यान रखें
  7. नवजात शिशु को गोद में लेने की तकनीक
  8. बच्चे को झटके और हिलाने से बचें
  9. हवा में उछालने से बचें
  10. स्किन टू स्किन टच जरूरी
  11. शिशु से बात करें
  12. डायपर का ध्यान रखें
  13. सही तरीके से सुलाना
  14. खिलौने बिस्तर से दूर रखें
  15. पूरी नींद
  16. स्तनपान
  17. ढ़कार
  18. फीडिंग बोतल की सफाई
  19. नवजात शिशु को कैसे नहलाएं
  20. आरामदायक कपड़े
  21. मां हेल्दी डाइट ले

1- बच्चे की गर्भनाल का खास ख्याल रखें

बेबी हेल्थ केयर टिप्स में सबसे पहले शुरुआती दिनों में बच्चे की गर्भनाल की देखभाल को महत्व देना है। बच्चे की गर्भनाल काफी सेंसिटिव होती है। इसपर इन्फेक्शन होने का खतरा काफी होता है। इसे ज्यादा हिलाना नहीं चाहिए और न ही ज्यादा छेड़ना चाहिए। जब यह धीरे-धीरे सूखने लगती है तो यह भूरे और काले रंग की होने लगती है और अपने आप गिर जाती है। आपको इसी समय शिशु की गर्भनाल या एम्बिक्ल क्रॉड का खास ख्याल रखना चाहिए।

2- बच्चे के रोने पर ध्यान दें

कुछ लोगों का मानना होता है कि रोने से बच्चे के लंग्स मजबूत होते हैं। यह सोच गलत है। बच्चा तभी रोता है जब उसे किसी चीज की जरूरत हो चाहे वह खाने की या पानी या आपके अटेंशन की। 

अगर बच्चे को भूख लगी है, तो उसे फीडिंग दें और अगर उसके बाद भी रो रहा है तो उसे हल्की थपकी के साथ सुलाने की कोशिश करें। इसके बाद भी बच्चा रोता ही रहता है तो जांच करें कि उसे किस तरह की तकलीफ है। अगर कुछ ठीक से समझ नहीं आता तो डॉक्टर को दिखाएं।

3- डॉक्टर के पास जाने में देर न करें

अगर बच्चे को बुखार हो या वह लगातार रो रहा हो तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। कई लोग मानते हैं कि बच्चे तो बीमार पड़ते ही है वह अपने आप सही हो जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं है।

4- बच्चे को अकेला न छोड़े

आमतौर पर दो महीने तक बच्चों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। नवजात बच्चों को 0-6 महीने तक विशेष तौर पर हमेशा नजर के सामने रखना चाहिये। उनके साथ हमेशा एक घर का सदस्य साथ में होना चाहिए।

5- स्किन टू स्किन टच

शिशु के लिए स्किन टू स्किन टच बहुत जरूरी होता है। शिशु के जन्म के कुछ घंटे बाद उसे मां की छाती के पास रखें ताकि वह मां के शरीर का अहसास ले सके। स्किन टू स्किन टच बच्चे के शरीर में जरूरी एंटीबॉडीज के लिए भी आवश्यक होता है।

6- सफाई का ध्यान रखें

नवजात शिशु काफी नाजुक होते हैं। उन्हें जरा सी गंदगी से भी इंफेक्शन होने का काफी खतर होता है। इसलिए बच्चे के कपड़ों से लेकर उसके बिस्तर और यहां तक की उसे छूने वाले लोगों के हाथों तक की सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए।

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7- नवजात शिशु को गोद में लेने की तकनीक

पहली बार मां बनने पर आपको यह भी सीखना होता है कि बच्चे को गोद में कैसे लिया जाए? अगर आप नवजात शिशु को ठीक से गोद में नहीं लेंगे तो बच्चे की रीढ़ और गर्दन की हड्डियों में दबाव आ सकता है या फिर गर्दन में बल भी पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि नवजात शिशु को गोद लेने का सही तरीका आपको पता हो।  

बेबी केयर एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चे को गोद में लेते वक्त उसके सिर को सहारा देते हुए उठाना चाहिए। या फिर आप उसे छाती से चिपका कर एक हाथ गर्दन पर रखते हुए स्पोर्ट देकर भी उठा सकते हैं।

8- बच्चे को झटके और हिलाने से बचें 

डॉक्टर्स के अनुसार बच्चे को झटका या हिलाने से दिमाग में चोट का खतरा रहता है। ऐसा करने से बच्चे के दिमाग में खून का एकदम से झटका लगता है जो गलत है। इससे बचने के लिए छोटे बच्चों को गोद में लेकर हिलाने के बजाए धीरे-धीरे चलें और उसे हल्की थपकी के साथ सहलाएं। यह बेबी केयर टिप आपको हमेशा याद रखना चाहिए।

9- हवा में उछालने से बचें 

यह चीज तो भारतीय घरों में सबसे आम देखने को मिलता है। कई लोग तो इसे अपका टैलेंट तक मानते हैं कि हम तो बच्चे को हवा में फेंक कर कैच करते हैं। दरअसल यह बहुत खराब चीज है। इससे बच्चे को क्षणिक खुशी तो मिल सकती है लेकिन इसके दूरगामी परिणामों में आप देख सकते हैं कि इससे बच्चे को ब्रेन स्ट्रोक भी हो सकता है।

10- स्किन टू स्किन टच जरूरी

नवजात शिशु के लिए बहुत जरूरी होता है कि उसे मां का स्पर्श मिले। इसके लिए अपने बच्चे को अपने शरीर के स्किन का टच दें। इसे कंगारू केयर भी कहते हैं। बच्चे को अपने सीने से लगाएं। यह बच्चे को आपकी गर्मी के साथ उसकी धड़कनों को नियमित करने में भी मदद करता है। बच्चे को स्किन टच देने से उसका विकास तेजी से होता है।

11- शिशु से बात करें

यह सुनने में अजीब लग सकता है। लेकिन बच्चे की मां को अपने शिशु से बात करनी चाहिए। नवजात के मस्तिष्क विकास के लिए यह जरूरी होता है। नवजात शिशु का ब्रेन विकास के क्रम में रहता है ऐसे में उसे ध्वनि और शब्दों की आवाज सक्रिय करती है।

12-  डायपर का ध्यान रखें

नवजात बच्चे बार-बार पेशाब और पॉटी करते रहते हैं। ज्यादा समय तक गंदे डायपर के साथ रहने पर बच्चे में इंफेक्शन और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक गीले या गंदे डायपर में रहने की वजह से कई बार नवजात शिशु के स्किन पर चकत्ते (Diaper rashes) पड़ जाते हैं।

13- सही तरीके से सुलाना

 शिशु का बिस्तर आरामदायक है या नहीं, वह सोते हुए सही से सांस ले पा रहा है या नहीं यह सब बाते बहुत जरूरी हैं। कई लोग शिशु का मुंह ढ़ंक कर सुलाते हैं जो बिलकुल गलत है। ऐसा करने से रात को शिशु का दम घुट सकता है। अचानक शिशु की मृत्यु या SIDS का कारण बच्चे का सही से न सोना ही होता है।

14- खिलौने बिस्तर से दूर रखें

कुछ लोग खिलौने बच्चे के बहुत करीब रखते हैं। बेबी केयर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सॉफ्ट खिलौने बच्चों की नींद में खलल डाल सकते हैं। हार्ड खिलौनों से जहां बच्चों को चोट लगने का डर रहता है, वहीं मुलायम खिलौनों से एलर्जी होने का डर रहता है।

15- पूरी नींद

एक नवजात शिशू 24 घंटे में 16 से 20 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है। पूरी नींद ना मिल पाने की स्थिति में बच्चे में कमजोरी या सर में दर्द हो सकता है। इसलिए पहले कुछ महीनों तक शिशु को पर्याप्त नींद लेने दें। हां थोड़ी थोड़ी देर में जगाकर उसे फीड जरूर कराएं। यह बेबी केयर टिप्स (Baby Care Tip) आपको लंबे समय तक याद रखना चाहिए।

16- स्तनपान

नींद के साथ शिशु को बार बार फीड कराना भी ना भूलें। नवजात शिशु को हर दो घंटे में फीड कराएं। अगर मां का दूध पर्याप्त ना हो तो डॉक्टर की सलाह पर फॉम्यूला मिल्क लें। अगर बच्चा सोया हो तो भी उसे जगा कर दूध पिलाएं। 

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17- ढ़कार

नवजात शिशु को दूध पिलाने के बाद हमेशा बर्प या ढ़कार अवश्य दिलाएं। ऐसा करने से शिशु के पेट की गैस बाहर निकल जाती है। अगर आप ऐसा नहीं कराएंगी तो बच्चे के पेट में गैस या उसे उलटी हो सकती है। बच्चे को ढ़कार कैसे दिलाएंः

  1. बच्चे को स्तनपान करवाने के बाद हमेशा बर्प यानि ढ़कार दिलाए
  2. दूध पिलाने के बाद शिशु को कंधे पर लें
  3. फिर कंधे को हल्के हाथ से थपथपाएं
  4. इससे बच्चा गैस पास करने लगेगा और उसे ढ़काए आ जाएगी

18- फीडिंग बोतल की सफाई

बच्चे को बोतल का दूध देती है तो उसकी साफ सफाई का ध्यान रखें। हमेशा दूध पिलाने से पहले फीडिंग बोतल को स्टरलाइज़ करें। दूध पिलाने से पहले बोतल को अच्छी तरह से धो लें। निप्पल की सफाई ठीक तरह से करें। ऐसा ना करने से  बच्चे बिमार हो सकते हैं।

19- नवजात शिशु को कैसे नहलाएं

बेबी केयर टिप्स में सबसे जरूरी और काम की बात आती है कि बच्चे को कैसे नहलाएं। बच्चे की गर्भनाल सूखने के बाद आप उसे अच्छे से नहला सकती है तब तक आप चाहें तो स्पंज बाथ दे सकती हैं। ध्यान रखें कि बच्चे को नहलाने के से पहले उसका सारा सामान एक साथ रखें। आइए जानें बच्चे को नहलाने का तरीकाः

  • सारा सामान बाथरूम में पहले से रखें
  • पानी रूम टेंपरचर से हल्का गुनगुना होना चाहिए
  • पहले बच्चे के पांव धोएं
  • फिर उसके पेट व पीठ की सफाई करें
  • अंत में बाल और मुंह धोएं
  • कभी भी भूलकर भी बच्चे को बाथ टब में अकेला ना छोड़े 

20- आरामदायक कपड़े

बच्चों के कपड़ों को चुनते हुए आपको फैशन या रंग डिजाइन से ज्यादा फोकस आराम पर करना चाहिए। शिशु के कपड़े में बटन और पीन जैसी चीजे न हो तो बहुत ही अच्छा है। शिशु को हल्के रंग जैसे गुलाबी, सफेद, हल्के पीले रंग के कपड़े पहनाएं। कॉटन के कपड़े ज्यादा आरामदायक होते हैं। ठंड हो तो स्वेटर मुलायम हो और ज्यादा भारी ना हो।

21- मां हेल्दी डाइट ले

इन सभी बेबी केयर टिप्स के साथ मां को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। क्योंकि अगर मां हेल्दी नहीं रहेगी तो बच्चे का स्वास्थ्य भी खराब होता है।

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