गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण

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आजकल मार्केट में आपको तमाम ऐसे प्रोडक्ट मिल जाते हैं जो मिनटों में प्रेगनेंसी को कन्फर्म कर देते हैं ।लेकिन एक मां के अंदर भी कुछ ऐसे बदलाव होते हैं। जो उसे यह अहसास दिलाते हैं कि वह अब मां बनने वाली हैं जैसे  मासिक धर्म का बंद होना, जी मचलाना, थकान महसूस होना आदि। आइयें जानते हैं और समझते हैं प्रेगनेंसी या गर्भावस्था के शुरुआत लक्षणों और संकेतों (Symptoms for Pregnancy in Hindi) को।

मासिक धर्म या पीरियड्स का बंद होना (Symptoms for Pregnancy in Hindi)

मासिक धर्म का बंद होना गर्भधारण करने का सबसे पहला और स्पष्ट संकेत माना जाता है। पर आप यह अवश्य जानें लीजिए कि पीरियड्स कई अन्य कारणों से भी बंद या लेट हो सकते हैं जैसे हाइपर टेंशन, ज्यादा वजन बढ़ना या वजन का बहुत कम होना आदि लेकिन अगर आप पूरी तरह से हेल्थी हैं और इंटरकोर्स के कुछ दिनों के बाद आने वाले पीरियड्स मिस हो गए हैं तो आपको प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए।

उल्टी आना और सारा दिन जी घबराना

मॉर्निंग सिकनेस यानि सुबह उठते ही थकान सी महसूस होना, कमजोरी लगना या फिर जी मचलना, उल्टी होना आदि भी प्रेगनेंसी के लक्षण माने जाते हैं। दरअसल प्रेगनेंसी के शुरुआती कुछ महीनों में शरीर में कई बदलाव होते हैं जिनसे संतुलन बनाने की प्रक्रिया के कारण यह मॉर्निंग सिकनेस होती है।

स्तनों में भारीपन

प्रेगनेंसी के समय शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव ब्रेस्ट में सूजन पैदा करते हैं। जिस वजह से इसमें भारीपन व एक तरह का खिंचाव आ जाता है। कई महिलाओं में प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में स्तनों में भारी तनाव भी देखने को मिलता है।

यह भी पढ़ें: प्रेगनेंसी में नींद ना आने की समस्या क्यों होती है?

व्यवहारिक बदलाव आना

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर के अलावा कई व्यवहारिक बदलाव भी आते हैं जिनमें से कुछ निम्न हैंः 

  • अजीब प्रकार की गंध पसंद होना 
  • सामान्य गंध से भी उलटी आना 
  • किसी भी समय खाने की एकाएक चाह 
  • खाने का टेस्ट बदल जाना 
  • बार बार मूड स्विंग होना

गर्भाशय में क्रैंप या ऐंठन

पीरियड्स के दौरान अक्सर महिलाओं को क्रैंप या ऐंठन का शिकार होना पड़ता है। पर अगर आपके पीरियड्स मिस हो चुके हैं और क्रैंप्स आते जा रहे हैं। तो यह एक संकेत हो सकता है कि आप प्रेगनेंट हैं।

बार बार पेशाब का आना (टॉयलेट)

प्रेगनेंसी का एक और संकेत बार बार आने वाला टॉयलेट भी होता है। प्रेगनेंसी के शुरुआती दौर में किडनी काफी सक्रिय होती है इस वजह से बार बार पेशाब आता है। हालांकि यहां ध्यान दें कि बार बार पेशाब आनी कई बार बिमारियों का भी संकेत देता है।

सर में दर्द

गर्भ धारण करने के शुरुआती समय में ब्लड प्रेशर काफी ऊपर नीचे होता है जिसके कारण सर में दर्द की समस्या आ सकती है। हालांकि इसे आप प्रारंभिक संकेत के स्थान पर सेकेंडरी सिंपटम मान सकती हैं।

कब्ज होना

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिस वजह से महिलाओं को कब्ज की समस्या हो जाती है।  यह हार्मोन मांसपेशियों में ढीलापन लाता है जिससे आंत के काम करने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। एक और खास बात प्रेगनेंसी के दौरान अगर फाइबर युक्त आहार ना खाएं तो भी यह समस्या सामने आती है।

तो यह थे कुछ खास गर्भावस्था के लक्षण (Pregnancy ke Lakshan in Hindi) जिन्हें आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पीरियड्स मिस होने पर अगर आप सेक्शुअली एक्टिव हैं तो दस से बीस दिन बाद होम प्रेगनेंसी किट से स्वयं जांच करनी चाहिए। कुछ खास टिप्स और बातों का ध्यान रखेंः

  • प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए पीरियड्स मिस होने के बाद कम से कम दस से पंद्रह दिन तक का इंतजार करें। 
  • पीरियड्स की डेट्स का हमेशा ख्याल रखें। 
  • अगर आप प्रेगनेंसी नहीं चाहती हैं तो सही गर्भ निरोधक उपायों को इस्तेमाल करें।

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