टीकाकरण चार्ट : बच्चों को कौन से टीके लगवाने जरूरी है

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टीकाकरण शिशु के लिए बहुत आवश्यक होती है। यह शिशु को भविष्य में  होने वाली सभी प्रकार की महत्वपूर्ण बिमारियों से बचाते हैं। इम्यूनिटी बढ़ाने और शिशु को बिमारियों से दूर रखने के लिए नियमित रूप से समय अनुसार शिशु को टीका लगवाएं खासकर शुरुआती एक साल में। आइयें जानें भारत सरकार द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण टीकों (Shishu Tikakaran Chart or Indian Government Immunization Chart 2021) के बारें में सही तरीके से।

बच्चों के लिए सरकारी भारतीय राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (Indian Government Vaccination Chart) आइयें अब जानते हैं कि भारत सरकार द्वारा किए जा रहे टीकाकरण अभियान के अंतर्गत मुख्य और अनिवार्य कौन सा टीका है? टीकाकरण न केवल आप के बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाता है बल्कि यह इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। 

सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार भारत में निम्न बीमारियों के लिए टीके लगाए जाते हैं:

  1. तपेदिक (टी.बी.)
  2. डिप्थीरिया (Diphtheria)
  3. काली खाँसी (पर्टुसिस)
  4. पोलियो
  5. खसरा (मीजल्स)
  6. टिटनेस
  7. हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B)
  8. हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A)
  9. मोतीझरा (टाइफाइड)
  10. कंठमाला का रोग (मम्प्स)
  11. रुबेला
  12. जठरांत्र शोथ या गैस्ट्रोएंट्राइटिस (रोटावायरस)

बच्चों के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (Indian Vaccination or Sarkari Tikakaran Chart in Hindi)

बच्चे की आयु वैक्सीन या टीके का नाम वैक्सीन की कितनी और कौनसी खुराक
जन्म के समय बी. सी. जी. केवल एक खुराक
ओ. पी. वी. जीरो खुराक
6 सप्ताह (1 ½ महीने पर) ओ. पी. वी. एक खुराक (पहली खुराक)
डी. पी. टी. एक खुराक (पहली खुराक)
10 सप्ताह (2 ½ महीने पर) ओ. पी. वी. एक खुराक (दूसरी खुराक)
डी. पी. टी. एक खुराक (दूसरी खुराक)
14 सप्ताह (3 ½ महीने पर) ओ. पी. वी. एक खुराक (तीसरी खुराक)
डी. पी. टी. एक खुराक (तीसरी खुराक)
9 से 12 माह के बीच मीजल्स वैक्सीन केवल एक खुराक
15 माह एम्. एम. आर. वैक्सीन केवल एक खुराक
16 से 24 माह के बीच ओ. पी. वी. एक खुराक (चौथी या बूस्टर खुराक)
डी. पी. टी. एक खुराक (चौथी या बूस्टर खुराक)
5 से 6 वर्ष डी. टी. वैक्सीन एक खुराक केवल
10 वर्ष टी. वैक्सीन एक खुराक केवल
15 वर्ष टी. टी. वैक्सीन एक खुराक केवल

 

बच्चों का भारतीय टीकाकरण चार्ट  (Indian Shishu Tikakaran Chart)

जन्‍म के समय

बीसीजी (BCG), ओरल पोलियो वैक्‍सीन (OPV 0), हिपेटाइटिस बी (Hep – B1)

छह सप्ताह की आयु में

डीटीपी (DTP 1), इनएक्टिवेटिड पोलियो वैक्‍सीन (IPV 1), हिपेटाइटिस बी बूस्‍टर डोज (Hep B2), Haemophilus influenzae टाइप बी (Hib 1), रोटावायरस 1, न्‍यूमोकॉकल कॉन्‍जुगेट वैक्‍सीन (PCV 1)

दस सप्ताह की आयु में

डीटीपी 2 (DTP 2), पोलियो का टीका (IPV 2), हिपेटाइटिस बी (Hep B3),  रोटावायरस 2, न्‍यूमोकॉकल कॉन्‍जुगेट वैक्‍सीन (PCV 2)

चौदह सप्ताह की आयु में

डीटीपी 3 (DTP 3), हेमोफ्यूलिस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Hib 3), पोलियो का टीका (IPV 3), हिपेटाइटिस बी (Hep B4), रोटावायरस 3, Pneumococcal Conjugate Vaccine (PCV 3)

छह माह की आयु में

टाइफाइड का टीका (Typhoid Conjugate Vaccine (TCV))

नौ माह की आयु में

एमएमआर का टीका (Measles, Mumps and Rubella (MMR 1))

बारह माह की आयु में

हिपेटाइटिस ए Hepatitis A (Hep A1), इन्फ्लुएंजा का टीका Influenza (हर वर्ष)

पंद्रह माह की आयु में

एमएम आर का टीका (Measles, Mumps and Rubella (MMR 2), Varicella ), इन्फ्लुएंजा का टीका (Influenza) (हर वर्ष), पीसीवी बूस्टर 1 (PCV booster 1)

सोलह से अट्ठारह माह की आयु में

डीटीपी बी1 (Diphtheria, Pertussis and Tetanus (DTP B1)), पोलियो का टीका (IPV B1), हिपेटाइटिस ए (Hepatitis A (Hep A2)), हेमोफ्यूलिस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Haemophilus Influenza or Hib B1)

चार से छह वर्ष की आयु में

डीटीपी बी2 Diphtheria, Perussis and Tetanus (DTP B2), Varicella 2, एमएमआर 3 Measles, Mumps and Rubella (MMR 3/MMRV)

यह भी पढ़ें: नवजात शिशु के लिए कुछ जरूरी टिप्स

नौ से चौदह वर्ष की आयु में

एचपीवी Tdap, Human Papilloma Virus (HPV 1 & 2)

पंद्रह से अट्ठारह वर्ष की आयु में

एचपीवी Tdap, Human Papilloma Virus (HPV 1,2 & 3)

प्राइवेट अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों में अंतर क्यों

आपने यह बात अवश्य देखी होगी कि प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी अस्पतालों की तुलना में अधिक टीके लगाएं जाते हैं। तो यहां सबसे पहले यह जान लीजिएं कि सरकारी अस्पतालों में लगने वाले टीके पर्याप्त और बेहतर होते हैं।

अगर प्राइवेट अस्पताल में कोई टीका बच्चे को लग रहा है और वह टीका सरकारी अस्पताल में मौजूद नहीं है तो इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। दरअसल प्राइवेट हॉस्पिटल में बच्चों को विभिन्न प्रकार के बूस्टर टीके भी लगाए जाते हैं लेकिन सरकारी अस्पताल में आपको केवल आवश्यक टीके लगाए जाते हैं।

टीकाकरण से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का भी आपको अवश्य ख्याल रखना चाहिए जैसे

  1. बच्चे के जन्म लेने के 1 माह तक उसे बीसीजी का टीका बहुत जरूरी होता है। अगर किसी वजह से यह नहीं लगवा सकी हैं तो जितना जल्दी हो सके इसे लगवा लेना चाहिए।
  2. न्म के 15 दिनों के अंदर-अंदर पोलियो की पहली खुराक बच्चे को देनी चाहिए। 
  3. टीका लगवाने के बाद बच्चे को बुखार आना बहुत ही सामान्य है इससे घबराने की जरूरत नहीं होती है। 
  4. बुखार आने पर बर्फ की सिकाई या ठंडे पानी की सिकाई की जा सकती है। 
  5. बीसीजी का टीका लगने के बाद हाथ पर अक्सर दाग आ जाता है जो यह दर्शाता है कि टीका सही से लग गया है। 
  6. टीका लगवाने के बाद शिशु को बुखार आए तो भी आप उसे स्तनपान करवा सकती है। 
  7. अगर कोई टीका किसी खास समय पर ना लगवा पाएं तो आप बच्चे को बाद में भी लगा सकती हैं। 

 

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