प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने क्या खाएं? | Pregnancy Ke Teen Mahine mein Kya Khaye

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हेलो मम्मियों, एक बार जो प्रेगनेंसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाए तो कितने ख्याल मन में आना शुरु हो जाते हैं कि क्या खाएं, कैसे खाएं, कैसे बैठे, बाल्टी भारी उठाएं या ना, मीठा खाएं, ठंडा पानी पिए या नहीं, चाय या कॉफी उफ्फ इतने ना मन में सवाल आते हैं कि पूछो ही मत। इनमें से सबसे खास है कि अब खाएं क्या या प्रेगनेंसी डाइट (Pregnancy Diet)? वो भी शुरुआती महीने में क्या खाएं? तो चलिए आज बात करते हैं कि प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में क्या खाएं ताकि भ्रूण मजबूत हो और मॉनिंग सिकनेस की समस्या ज्यादा ना हो। 

डॉक्टरों के अनुसार , कई महिलाएं गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीने यानी फर्स्ट ट्राइमेस्टर (First Trimester) को बेहद हलके में लेती हैं, जबकि यह समय सबसे भूर्ण के विकास में बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान गर्भ  में पल रहे भ्रूण का विकास होना शुरू होता है और  गर्भवती महिला का शरीर कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। 

ये महीने सबसे ज्यादा चुनौती-भरे भी होते हैं, क्योंकि इस दौरान  शरीर में होने वाले बदलाव गर्भवती महिला लिए बिल्कुल नए होते हैं।  साथ ही महिला को खाने के टेस्ट और स्किन में भी बदलाव आने लगते हैं।  इसके अलावा मानसिक रूप से चिड़चिड़ापन भी होने लगता है। इस समय गर्भवती महिला के पति को खासतौर पर धैर्य रखना चाहिए तथा पत्नी को सहारा देना चाहिए।

गर्भावस्था के पहले तीन महीने कैसा आहार खाएं (Pregnancy Diet Plan for First Trimester in Hindi)

पालक – पालक कैल्शियम और लौह तत्व का प्रमुख स्रोत मन जाता है। जोकि गर्भवती महिला  के शरीर में अधिक रक्त का उत्पादन करता है। जोकि प्रेगनेंसी के दौरान हुए रक्त स्राव की क्षतिपूर्ति करता है तथा गर्भाशय में खून की कमी को पूरा करने में सहायता करता है। 

बादाम – बादाम में विटामिन ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन पाया जाता है। जिससे गर्भवती महिला को अधिक मात्रा में प्रोटीन मिल पता है। 

बादाम प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में आयी कमजोरी को दूर करता है साथ ही इम्युनिटी सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करता है। 

भिंडी – भिंडी में फोलिक एसिड होता है जो कि  शिशु के जन्‍म के समय की परेशानियों को दूर करता है। साथ ही यह मधुमेह की समस्‍या को भी दूर कर सकता है।

संतरा – संतरे में प्रचुर मात्रा में  विटामिन सी पाया जाता  है जो कि गर्भाश्य महिला के शरीर में  इम्युनिटी सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बढाता है।  साथ ही संतरे का सेवन  गर्भवती महिला को कई प्रकार के इंफेक्‍शन को दूर करता है।

ब्रॉक्ली – प्रेगनेंसी के पहले महीने  ब्रॉक्ली जरुर खाना चाहिये। इसमें बहुत सारा लौह तत्व  होता है जो कि रक्‍त कोशिकाओं का निमार्ण करती हैं। 

साथ ही महिला शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है। 

अंडा – अंडे में  प्रोटीन, विटामिन डी और कैल्‍शियम प्रचुर मात्रा में  पाया जाता है जो कि पहले महीने की प्रेगनेंट महिलाओं के लिये जरुरी है। आप इसे उबाल कर या हाफ फ्राई करके अपनी सुविधा अनुसार खा सकती हैं।

साल्मन फिश –  अगर आप नॉन वेजिटेरिअन (मांसाहारी ) हैं तो साल्‍मन मछली का सेवन आपके लिए कैल्शियम का बहुत बढ़िया स्रोत है। इसमें काफी  मात्रा में कैल्‍शियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन डी होता है जो कि  प्रेगनेंसी के पहले महीने में खाया जा सकता है। साल्मन फिश का सेवन शरीर की कमजोरी दूर करने के साथ साथ स्किन के लिए भी बेहद फ़ायदेमं मन जाता है। 

दही – दही खाना पचने के साथ साथ पेट की कई सारी समस्याओं के लिए भी फायदेमंद मना जाता है। इसके अलावा दही का सेवन एसिडिटी और गैस की समस्या को भी दूर करता है। 

फल – गर्भावस्था के दौरान अधिक से अधिक फलों का सेवन करें जोकि विटामिन्स का मुख्य स्रोत माने जाते हैं। आप अपनी दिनचर्या में निचे दिए गए फलों  जैसे की अंगूर ,नासपाती, अनानास , अनार ,खरबूजा ,आड़ू  अदि का सेवन कर सकते हैं जो की गर्भाश्य महिला के शरीर में  कैल्सियम और विटामिन्स की कमी को पूरा करतें हैं। 

हरी सब्जियां – गर्भावस्था के पहले तीन महीनो के दौरान अपने भोजन में  हरी सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें।  ये एक संतुलित आहार मना जाता है जो की पौष्टिक होने के साथ साथ शरीर की कमजोरी व अन्य समययों को दूर करने में कारगर है। 

पानी – अपनी दिनचर्या में अधिक से अधिक पानी पीने की आदत डालें। शरीर के कई सरे रोग तो पानी की कमी के कारण ही उत्पन्न होतें हैं इसलिए  हर थोड़ी देर में पानी का सेवन करते रहें जिससे पेट के रोगों का खतरा टालने में मद्दद मिल सके।  

प्रेगनेंसी के दौरान खाने में कुछ सावधानियां (pregnancy ke dauraan khane me khuchh savdhaniyan )

प्रेगनेंसी के पहले तीन माह के दौरान हैल्थी लाइफ ले लिए  निचे गयी बातों के पालन जरूर करें : 

  • हमेशा संतुलित व पौष्टिक आहार ही खाएं। 
  • जंकफूड को अवॉयड करें व प्रेगनेंसी के दौरान बहार का बना फ़ास्ट फ़ूड का सेवन न ही करें तो बेहतर है इसके विपरीत घर में बना फ़ास्ट फ़ूड ही खाएं वो भी काम मात्रा में। 
  • अधिक तेल वाली वाले भोजन से परहेज करें ये शरीर कई तरह की समस्यायों को निमंत्रण देता है। 
  • कच्चे मांस का सेवन करने से बचें 
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