नवजात शिशु के लिए कुछ जरूरी टिप्स (Newborn Baby Care Tips in Hindi)

Pinterest LinkedIn Tumblr +

नवजात बच्चों को देखरेख में काफी सतर्कता की जरूरत होती है क्योंकि अगर हमने थोड़ी सी भी अनदेखी कर दी तो यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। नवजात शिशु बहुत नाजुक होते हैं इसलिए उनकी हर एक चीज का ध्यान रखना माता-पिता का कर्तव्य होता है। तो आज के लेख में हम जानेंगे कि अपने नवजात शिशु व बच्चों की देखभाल करने के कुछ टिप्स (newborn baby care tips in hindi)।

गोद में लेने का सही तरीका

नवजात शिशु को गोद में लेना नए माता पिता के लिए एक कठिन कार्य होता है। हमेशा शिशु की गर्दन को स्पोर्ट देते हुए बच्चे को गोद में लेना चाहिए। इसके अलावा कोशिश करें कि आपका एक हाथ बच्चे की पीठ पर भी हो ताकि बच्चे को पूरी सुरक्षा मिल सके।

शिशु का पहला स्नान

शिशु को पहला स्नान अस्पताल से लाने के बाद कम से कम दो सप्ताह कराना चाहिए। तब तक आप शिशु को स्पंज बाथ ही देना चाहिए। शिशु के स्नान का पानी गुनगुना होना चाहिए और शिशु को जल्दी स्नान करा के बाहर निकाल लें।  शिशु को स्नान कराने के दौरान सबसे पहले उसके हाथ पांव व पेट और पीठ आदि धोएं। अंत में सिर पर पानी डाले वह भी बहुत धीरे धीरे ताकि शिशु को किसी प्रकार की समस्या ना हो।

डायपर समय पर बदलें

छोटे बच्चे दिन में कई बार डायपर गीला कर सकते हैं। अगर शिशु को अधिक देर तक डायपर में रखें तो यह उनके लिए बहुत कष्टदायक होता है जिसके कारण वह लगातार रोते रहते हैं। ज्यादा देर तक डायपर गिला रहने से उनकी त्वचा पर रैशजे भी हो सकते हैं। इसलिए शिशु का डायपर हर थोड़ी थोड़ी देर में बदलते रहें।

छह माह तक केवल मां का दूध या स्तनपान

जन्म से लेकर 6 माह तक शिशु को सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही देना चाहिए। मां के दूध में वह सभी पोषक तत्व होते हैं जो शिशु के लिए पोषण के लिए आवश्यक होते हैं। इसके अलावा उसे पानी तक भी नहीं दिया जाना चाहिए। शिशु को स्तनपान करवाना आप 2 साल तक जारी रख सकती हैं।

बच्चों का सोना

आपको अपने बच्चे का सोने का टाइम टेबल निर्धारित करना चाहिए। 6 महीने से छोटे बच्चों को दिन में कम से कम 12-18 घंटे के आसपास सोने देना चाहिए। उसके बाद उनका सोना धीरे-धीरे कम होता जाता है। आप अपने बच्चे को पर्याप्त नींद लेने दे व दिन में बच्चों को कम सोने दे। अगर छोटे बच्चे दिन में ज्यादा देर तक सो जाते हैं तो वह रात को सोने में परेशान करते हैं।

बच्चों का रोना

नवजात शिशु के रोने को अक्सर माता पिता नजरअंदाज कर देते हैं व सोचते हैं कि बच्चे तो रोते ही हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। आप उसके रोने का सही कारण जाने व उसे सुलझाने का प्रयास करें। बच्चे के रोने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि कोलिक, गैस की समस्या इत्यादि।

घर को सुरक्षित रखें

नवजात शिशु को सुलाते समय ध्यान में रखें कि कहीं वह बेड से ना गिर जाए। हमेशा उसे सुलाकर आसपास तकिया रख दें। बच्चे को खिलाते हुए ध्यान रखें कि खिलौनों के कौने पैने (नोकीले ) ना हों।

यह भी पढ़ें: बच्चों को कौन से टीके लगवाने जरूरी है

नवजात शिशु से जुड़ी कुछ अन्य सावधानियां निम्न हैं जिनपर माता पिता को ध्यान देना चाहिएः 

  • शिशु को दवाई केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दें। 
  • शिशु को पालतू जानवरों से दूर रखें। 
  • नवजात शिशु को गोद में उछालना नुकसानदायक हो सकता है। 
  • शिशु को हमेशा आरामदायक कपड़े पहनाएं। 
  • नवजात शिशु के साथ सोते हुए ध्यान दें कि बच्चा सुरक्षित रहें और आप रात को उठ उठकर उसे देखते भी रहें। 

तो यह थे नवजात शिशु की देखभाल से जुड़े कुछ टिप्स (Newborn Baby Care tips in Hindi) व सावधानियां.

 

अगर आपको यह ब्लॉग अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों व परिचितों के साथ शेयर करें और कमेंट में अपनी राय (Feedback) जरूर दें। आप की राय Babymomtips.com के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं ताकि हम इसे आप के लिए और बेहतर बना सके।

Thanks to you

माँ हैं,  तो Don’t Worry
BABYMOMTIPS.COM

Share.

About Author

Leave A Reply