बच्चों में पेट दर्द – कारण, बचाव और उपाय

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बच्चों के पेट में दर्द कई कारणों से हो सकता है। बच्चों में पेट दर्द (Stomach pain in kids) ना केवल बाहर का खाने पीने की वजह से बल्कि यह चोट या मिट्टी आदि खाने की वजह से भी हो सकता है। अगर छह माह से छोटे बच्चे के पेट में दर्द हो तो वह तो काफी रोता है हालांकि थोड़े बड़े बच्चे भी कम परेशान नहीं होते हैं। ऐसे में आज हम आपके लिए लेकर आएं हैं बच्चों में पेट दर्द की समस्या को लेकर सभी अहम जानकारियां। 

  • पेट दर्द क्यों होता है? 

  • बच्चों के पेट दर्द के लक्षण 

  • बच्चों के पेट दर्द की दवा (घरेलू नुस्खे)

बच्चों के पेट दर्द की जानकारी (Details of Stomach Pain in Kids in Hindi)

बच्चों के पेट दर्द होने के कारण (Causes of Stomach Pain in Kids)

पेट दर्द (Bachhon mein Pet Dard) होने के पीछे कई कारण होते हैं जैसेः 

  • बाहर का खाना जैसे पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम, समौसा आदि ज्यादा खाने से। 
  • अधिक मात्रा में भोजन करने से। 
  • भोजन में अधिक मिर्च मसाले का उपयोग। 
  • अनियमित समय पर भोजन करना। 
  • दूषित (Impure) पानी पी लेना। 
  • रात का बचा बासी भोजन से। 
  • कच्चा माँस खाने से। 
  • गैस की समस्या (गैस्ट्रिक प्रॉबल्म) से। 
  • इरिटेबल बॉवल सिन्ड्रोम (आई.बी.एस.)
  • एसीडिटी (Acidity) 
  • मिट्टी या चॉल्क खाने की वजह से 
  • गंदे हाथों से बना खाने की वजह से 
  • पेट में कोई अंदरूनी समस्या 
  • गट्स हेल्थ का सही ना होना 
  • अपच 
  • कब्ज 
  • ज्यादा देर तक खाली पेट रहने के कारण मरोड़ 

ऐसे सामान्य कारण हैं जिनकी वजह से बच्चों के पेट में दर्द की समस्या हो जाती है। 

आयुर्वेद के अनुसार पेट दर्द के कारण

आजकल लोग आयुर्वेदिक दवाइयों पर काफी जोर देते हैं। बच्चों के पेट दर्द के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां भी होती हैं लेकिन इनका सही उपयोग करना बहुत जरूरी है। पेट दर्द मुख्यतः वात दोष के असंतुलित होने की वजह से होता है पर वात दोष शरीर में उपस्थित (पित्त और कफ) को दूषित कर देता है। जिसके कारण पेट में जलन (Upset Stomach), किडनी में दर्द होना, अधिक प्यास लगना, जी मिचलाना, पेट में रुक-रुक कर दर्द (Pet Dard) होना, यह सब पित्त व कफ दोष के असंतुलित होने की वजह से होता है।

पेट दर्द के लक्षण (Symptoms of Stomach pain in kids or Upset Stomach)

पेट दर्द के आम लक्षण निम्न हैं : 

  • पेट में गुड़गुड़ाहट (bloating)
  • जलन (burning Sensation)
  • उल्टी (Vomitting) जी मिचलाना
  • रुक-रुक कर पेट में दर्द होना (Pet Dard)
  • ज्यादा खट्टी डकार (Acidic belching) आना
  • बुखार (Fever)
  • ज्यादा गैस बनना (Excess wind)
  • पेट में सुई चुभोने जैसा दर्द होना 
  • पेट फूलना या भारी महसूस होना

बच्चो के पेट दर्द को ठीक करने के घरेलू उपाये (Bachho ke Pet Dard ke Gharelu Upay in Hindi) 

  1. हींग बच्चों के पेट दर्द में अति लाभकारी होता है। आधें छोटे चम्मच हींग को पानी के साथ मिलाकर पतला मिश्रण बना लें। इसी मिश्रण को शिशु की नाभी के किनारे-किनारे लगा दे ऐसा करने से बच्चे के पेट दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है। आजकल बाजार में इसके रोल-ऑन भी आसानी से उपलब्ध हैं।
  2. लहसुन का रस पेट दर्द और गैस से आराम देने में अति लाभकारी होता है 1 छोटा चम्मच लहसुन का रस और 3 छोटे चम्मच सादे पानी को एक साथ मिलाकर 1 हफ्ते रोज एक ही समाये पर सुबह या शाम भोजन करने के बाद पीना चाहिए। इसके सेवन से गैस तथा पेट के दर्द (Pet dard) में बहुत जल्दी लाभ मिलता है।
  3. हल्के गर्म पानी से ही नहलाएं : शिशु को हल्के गर्म पानी से नहलाएं। गरम पानी से पेट का दर्द कम होने की संभावना बढ़ जाती है शिशु को गरम पानी के टब में सिर्फ 5-7 मिनट तक के लिये ही बैठाएं और पानी शिशु के पेट तक ही रखें।
  4. अगर स्तनपान करने वाले शिशु को गैस की वजह से पेट में दर्द हो रहा है, तो मां को मेथी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  5. यदि बच्चा छोटा है और पेट दर्द के कारण ज्यादा रो रहा है, तो उसे गोद में बैठाकर या कंधे से लगाकर पेट के निचले हिस्से व पीठ पर हल्के हाथ से सहलाएं व थपथपाना चाहिये , ताकि आसानी से गैस निकल जाए।
  6. नगुना पानी पिलाएं : पेट दर्द में 6 महीने से बड़े शिशुओं को गुनगुना पानी पिलाने की सलाह दी जाती है और इसे देने से कोई साइड इफेक्टं नहीं होता है।
  7. मालिश करें : शिशु को पीठ के बल लेटाकर गुनगुने तेल से उसके पेट की मालिश करें।
  8. चावल का पानी : 6 महीने से बड़े बच्चो को चावल का पानी पिलाने से बच्चो को पेट में ठंडक मिलती है तथा दर्द में भी राहत मिलती है।
  9. दही खिलाएं: 6 महीने से बड़े शिशु को आप दही भी खिला सकते हैं। खासतौर पर गर्मियों के दिनों में इससे शिशु के पेट को आराम मिलेगा।
  10. अजवाइनः अजवाइन अमूमन हर घर में मिल जाती है। अजवाइन को पिस कर उसमें नींबू का रस मिलाकर पिलाने से भी बच्चों के पेट में दर्द काफी आराम मिलता है।
  11. गुनगुने पानी से स्नानः यह उपचार भी काफी कारगर होता है। अगर बच्चा काफी छोटा है और पेट में दर्द हो तो उसे पेट तक केवल पेट तक ही नहलाइएं। पानी गुनगुना होना चाहिए और नहलाते हुए बच्चे का पेट सहलाएं।

पेट दर्द में बच्चे को क्या खिलाएं? 

अगर बच्चे को पेट में दर्द (Stomach Pain in kids) है तो आपको उसे निम्न चीजें खिलानी चाहिएः 

1 हल्का भोजन जैसे मूंग की दाल, दलिया, मठ्ठा (छाछ), पपीता, अनार का जूस भोजन में लेना चाहिए।

2 ठोस आहार (Heavy Food) जैसे गेहूं की रोटी, अरहर की दाल, पालक की सब्जी, बेसन के बने समान , खीरा, ककडी, आदि नहीं देना चाहिए।

3 खाने में खट्टी चीजे जैसे अचार, नींबू कम लेना चाहिए।

4 खाने में ज्यादा तैलीय चीज जैसे समौसा-पकौड़े नही खाना चाहिए

5 चाय, कॉफी, दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।

6 मठ्ठे (छाछ) में भूनी हुई अजवायन का पाउडर 1/2 छोटा चम्मच मिलाकर देना चाहिए।

7 . अगर पेट दर्द की वजह से उल्टी भी हो रही है तो कुछ देर तक कुछ नहीं खाना चाहिए (6 घण्टे) और बाद में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में चावल का पानी, मूंग की दाल का पानी देना चाहिए क्योंकि यह गुण में हल्की होती है जिसकी वजह से आसानी से पच भी जाता है।

बच्चों में पेट दर्द होने पर जीवनशैली में कैसा बदलाव लाना चाहिए 

* सुबह-सुबह उठते ही गुनगुना पानी 1 या 2 गिलास पीना चाहिए जिससे हमारा पेट अच्छी तरह से साफ हो सके।

* रात के समय ज्यादा तैल मिर्च मसाला वाला खाना नही खाना चाहिए।

* मल (Motion) को ज्यादा देर तक रोकना नहीं चाहिए।

* रात को खाना हल्का जैसे लौकी, टिण्डे, परवल खाना चाहिए क्योंकि यह सब्जियां हल्के गुण वाली होती है। और आसानी से पच जाती है और पेट में गैस नहीं बनाती है।

* खाने में ज्यादा तैलीय चीज जैसे समौसा-पकौड़े नही खाना चाहिए और मैदे और बेसन से बनी चीजें कम खानी चाहिए।

* रात में ज्यादा देर तक नही जगना चाहिए क्योंकि ज्यादा देर तक जागने से वातदोष असंतुलित हो जाते है आर पेट में गैस बनाते है जिसके कारण कभी-कभी पेट और सीने में दर्द होने लगता है।

* रात में खाना जल्दी या समय ज्यादा से लेना चाहिए जिससे खाना अच्छे से पच सके।

* नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिये। 

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