बच्चों के लिए जरूरी अच्छी आदतें | Good Habits for Kids in Hindi

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लगभग सभी माता पिता का यही सपना होता है की उनकी संतान अपने माता – पिता का नाम रोशन करें ,इन सब के लिए बच्चों की आदतें (Good Habits) व दूसरों के प्रति उनका व्यवहार अहम् भूमिका निभाता है। बच्चो की   अच्छी आदतें व व्यवहार ही आगे चलकर बच्चों के भविष्य की दिशा तैयार करता है। आइयें जानते हैं कुछ अच्छी आदतें जो बच्चों को जरूर सिखानी चाहिए। 

बच्चों को सही आदतें डालने के लिए पहला कदम

बच्चों के पहले गुरु माता पिता ही होते हैं इसलिए खुद के व्यवहार से ही  शुरुआत करें। जितना हो सके घर का माहौल खुशनुमा व फ्रेंडली बना के रखें। अगर माता-पिता में किसी कारण मनमुटाव व नोक-झोंक की भी स्थिति होती भी  है तो कोशिश करें कि बच्चों के सामने ऐसा ना करें। 

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बच्चों के लिए दस अच्छी आदतें (Top 10 Good Habits for Kids in Hindi) 

  1. बच्चों में अच्छी आदतों का पहला नियम शिष्टाचार 

बच्चों को शिष्टाचार व अच्छी आदतें डालना थोड़ा मुश्किल काम हो सकता है लेकिन आप धैर्य रखें और कोशिश करतें रहें। सबसे पहले आप दूसरों के प्रति खुद शिष्ट बने ताकि बच्चा आप को देख कर खुद भी वैसा ही व्यवहार करे। बच्चे की गलती पर उसे तुरंत समझाएं। उसे सही और गलत का फर्क बताएं।

  1. खानपान से जुड़ी अच्छी आदतें 

 खानपान से जुड़ी अच्छी आदतें तो बच्चों को शुरुआती पांच साल में ही सिखा देने चाहिए। यह आदते निम्न हैंः 

  • खाने से पहले और खाने के बाद हाथ धोना। 
  • हमेशा बैठ कर शांति से भोजन करना। 
  • हाथों का सही से प्रयोग करना। 
  • खाना ना गिराना। 
  • मुंह बंद करके खाना चबाना। 
  • चबा चबा कर खाना खाना। 
  • खाने के बीच में ना बोलना। 
  • खाने के बीच में पानी ना पिना। 
  • भोजन को बर्बाद ना करना। 
  • हमेशा सीधे हाथ से खाना। 
  1. बच्चों को शारीरिक श्रम वाले कामों के लिए प्रोत्साहित करें –

आज-कल के बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी ना के बराबर रह गयी है। इसका मुख्य कारण है टीवी, वीडियो गेम्स और मोबाइल। इस सब चीजों के कारण बच्चों में मोटापा और सामान्य व्यवहारिक ज्ञान की भारी कमी देखने को मिलती है। इससे बच्चे के लिए बच्चों में यह आदतें डालेंः 

  • प्रतिदिन व्यायाम और सैर करना 
  • बाहर जाकर खेलना
  • क्रिकेट, फूटबॉल, टेनिस, बैंडमिंटन आदि जैसे खेलों में रूचि पैदा करें 
  • पेड़, पौधे व फूल आदि के प्रति बच्चों में लगाव पैदा करें 
  1. परिवार के साथ बैठ कर भोजन करने की आदत डालें –

यह अच्छी आदत आजकल के दौर में बहुत जरूरी है। आज सिंगल फैमिली में परिवार के अंदर भी लोग एक दूसरे से हफ्तों बातें नहीं करते हैं। ऐसे में डिनर का समय एक जगह बैठकर सभी को बात करने की सहुलियत देता है। अगर बच्चों में शुरु से ही यह आदत होगी तो वह आगे जाकर भी परिवार के करीब रहेंगे। 

  1. बड़ों का सम्मान करना 

बड़ों का सम्मान करना हर बच्चे को सिखाना बहुत आवश्यक है। यह एक ऐसी आदत है जो निर्णय करती है कि आपके बुढ़ापे में बच्चे आपके साथ कैसा व्यवहार करेंगे। इसलिए बच्चों को बड़े बूढ़ों के प्रति स्नेह व दया का भाव जगाने की कोशिश करें। बच्चों को समझाएं कि बड़ों का सम्मान और उनकी राय मानना जरूरी है। साथ ही बड़ों के बीच में नहीं बोला जाता है। 

  1. दया भाव 

समाज के निचले तबके, बेसहारा लोग, पालतू या आवारा जानवरों आदि के प्रति बच्चों को विनम्र बनाने की कोशिश करें। इसकी शुरुआत बचपन से ही करें। 

  1. बच्चों को अपनी चीजें व्यवस्थित करना सिखाएं –

अक्सर बच्चों में एक आदत आम तौर पर पायी जाती है कि बच्चे अपने सामान को  घर में कहीं भी फेंक देना और बाद में दोबारा उस वास्तु की जरुरत होने पर घर वालों को ढूंढ़ने के लिए तंग करना या कुछ भी सामान कहीं भी फैला देना अदि आम बात है। इसलिए बच्चों की शुरू से ही स्वच्छता का महत्व सीखना बहुत जरुरी है। इसके लिए बच्चो को शुरू से ही अपनी चीजों को व्यवस्थित करना सिखाएं ताकि वे काम से काम अपने सामान के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।  ऐसा करने पर बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। 

  1. प्रकति के प्रति प्रेम करना सिखाएं –

 बच्चों को शुरू से प्रकृति प्रेमी बनायें उन्हें जीवन में पर्यावरण का  महत्त्व समझाएं और  उन्हें सिखाएं की पर्यावरण का साफ सुथरा व हरा -भरा होना कितना जरुरी है। इसमें आप बच्चों को पेड़-पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करें व पशु-पक्षियों से प्रेम करना व उनका ख्याल रखना सिखाएं।  उन्हें ये समझाएं की पशु-पक्षी हम पर ही आश्रित हैं और हमें ही इनका ख्याल रखना है तथा ये पर्यावरण में संतुलन के लिए बहुत जरुरी हैं। 

  1. सार्वजनिक स्थलों पर व्यवहार-

बच्चो को सावर्जनिक स्थान में कूड़ा-कचरा न फेंकना व सार्वजानिक स्थानों को साफ-सुथरा रखना  सिखाएं , उन्हें समझाएं ये सावर्जनिक प्रॉपर्टीज भी उन्हीं के उपयोग के लिए है,और इसे साफ-सुथरा रखना भी उन्ही की जिम्मेदारी बनती है। सार्वजनिक स्थलों या यातायात के साधनों से जुड़ी बच्चों के लिए अच्छी आदतेंः 

  • रेल, ट्रेन या मेट्रो में शोर ना करना
  • अपनी सीट पर ही बैठना
  • जोर-जोर से मोबाइल पर बात ना करना 
  • जरूरतमंदों को सीट ऑफर करना 

 10 . बच्चों को आध्यात्मिक  बनायें  –

बच्चों को सुबह उठकर प्राथना करना सिखाएं व उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराएं व जीवन में संस्कृति का महत्त्व समझाएं। और बच्चो की धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहें। बच्चे की रूचि जितना आध्यात्मिक कार्यों में होगी उसमे बुरी  आदतें उतनी ही काम होगी या न के बराबर होंगी। सप्ताह में कम से कम एक दिन बच्चों को मंदिर या पूजा स्थल अवश्य लेकर जाएं। 

 

छोटे बच्चों के लिए कुछ अन्य अच्छी आदतेंः 

क.) बच्चों को थैंक्यू और प्लीज कहना सिखाएं। बच्चों को बताएं कि जब हम किसी से कुछ पूछते या कुछ  मांगते हैं तो उन्हें “प्लीज “कहना है , और जब वह काम हो जाये तो उन्हें “थैंक्यू ” कहकर उनका आभार व्यक्त करना है। 

ख. ) बच्चों को गलती होने पर माफ़ी माँगना सिखाएं। 

ग. )  खांसते या छींकते वक्त मुंह को ढकने की आदत डालें ,उन्हें समझाएं की जब भी उन्हें खांसी या छींक आती है तो अपने मुँह को किस प्रकार ढकना है ताकि इससे दूसरों को असुविधा न हो। 

घ. ) नाक साफ करने के लिए रूमाल का उपयोग करना।

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