बच्चों को कोरोना हो जाए तो क्या करें? (Bachho ko Corona)

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कोरोना की दूसरी लहर के बाद से ही इस बात की आशंका ने सबके दिमाग में घर कर लिया है कि तीसरी लहर बच्चों को परेशान ना करे? तो चलिए जानें बच्चों को कोरोना  (Bachhe ko corona) होने की स्थिति में क्या करना चाहिए? 

  • लेकिन क्या जो जब बच्चों को कोविड 19 हो जाए? 

  • बच्चों को कोरोना होने पर क्या खाना खिलाएं? 

  • क्या बच्चों को क्वारंटाइन करना चाहिए? 

  • बच्चों को कोरोना से कैसे बचाएं? 

जानिएं इन सब प्रश्नों के जवाब। साथ ही जानिएं कब तक आ सकती है बच्चों के लिए कोविड की वैक्सीन। इस आर्टिक्ल को बच्चों में कोरोना होने की पूरी जानकारी के लिए भी पढ़ेः  

बच्चों में कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण (Covid 19 Symptoms in Kids in Hindi)

डॉक्टरों के अनुसार  ज्यादातर बच्चों में कोरोना होने पर जो लक्षण पाए जा रहें हैं उनमें से कुछ सामान्य निम्न हैंः 

  • कफ जमना 
  • खांसी
  • बुखार 
  • बदन दर्द 
  • सिरदर्द 
  • मांसपेशियों में दर्द या शरीर में दर्द
  • मतली या उलटी
  • दस्त
  • डायरिया, भूख कम लगना
  • स्वाद या सूंघने की क्षमता घटना
  • पेट दर्द

शुरुआत में माता – पिता बच्चों में ऐसे लक्षण दिखने पर आम  वायरल या फ्लू समझ बैठतें है, लेकिन दो दिनों से ऊपर ये लक्षण दिखने पर तुरंत करवाना टेस्ट करवाएं। 

क्या बच्चों को क्वारंटाइन करना चाहिए? 

अगर दुर्भाग्यवश कोरोना टेस्ट में बच्चे का कोरोना पॉजिटिव (Bachhe ko Corona) आ गया है तो सबसे पहले बच्चे को घर में आइसोलेट करने का प्रबंध करें लेकिन हमें ध्यान  देना होगा कि बड़े बच्‍चे और टीनएजर्स  अकेले कमरे में क्‍वारंटीन हो सकते हैं लेकिन छोटे बच्‍चों को अकेले रहने में डर लगता है। 

ऐसे में  छोटे बच्‍चे अकेले खुद को नहीं संभाल सकते हैं इसलिए उन्‍हें एक कमरे में अकेले नहीं छोड़ना सही नहीं होगा। इसके लिए पेरेंट्स बच्चे को एक निश्चित दूरी और सावधानी के साथ अपने कमरे में ही रख सकते हैं साथ ही जल्द से जल्द डॉक्टरी चिकित्सा शुरू कराएं। 

  • बच्चों को क्वारंटाइन ना करना चाहें तो माता पिता खुद बच्चे के साथ रहते हुए दो मास्क पहन कर रखें। 
  • बच्चे के बर्तन तो जरूर अलग कर दीजिए। 
  • कोरन्टाइन करते वक्त ध्यान रखें की जहाँ बच्चे को आइसोलेट किया गया है वह वेंटिलेशन का ख़ास ध्यान रखा गया हो  इसलिए सुनिश्चित कर लें की कमरे में खिड़की जरूर हो जहाँ से पर्याप्त खुली हवा मिल सके और बच्चे को घुटन जैसा महसूस न हो। 
  • बच्चे के हाथ धोने और सैनेटाइजेशन का पूरा ख्याल रखिएं 

बच्चे के लिए कोरोना टेस्ट (Covid 19 Test for Kids)

बच्चे में अगर आपको लक्षण दिखें तो सबसे पहले आपको रैपिड एंटीजन टेस्ट कराना चाहिए। यह इसलिए ताकि रिपोर्ट एक दिन में ही मिल सके। आरटीपीसीआर के केस में दो से तीन बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। अगर रैपिड टेस्ट पॉजिटिव है तो तुरंत दवा शुरु करें। 

अगर रैपिड टेस्ट नेगिटिव है तो आपको आरटीपीसीआर टेस्ट कराना चाहिए। आरटीपीसीआर (RT PCR for Babies in Hindi) टेस्ट से वायरस लोड का पता चलेगा। 

अगर यह भी नेगेटिव आए तो दो से तीन दिन के बाद फिर टेस्ट कराएं। लक्षणों को कमजोर समझने की भूल बिलकुल ना करें।

अगर बच्चे को कोरोना हो जाए तो क्या करें? (Bachhe ko Corona ho Jaye to kare)

  • जरुरी देखभाल – समय समय पर बच्चे का ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें और डॉक्टर्स से परामर्श करते रहें।  
  • इसके साथ ही बच्चे को दवाई देते समय जरुरी सावधानियां बरतें।  
  • खाने में हैल्थी डाइट ही दें ,विटामिन -सी युक्त फलों को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में दें जिससे बच्चे का इम्युनिटी सिस्टम मजबूत हो सके 

बच्चों को भाप कैसे दें? 

  • बच्चों को भाप देने के लिए नेबुलाइजर या भाप वाले मशीन इस्तेमाल करें। 
  • दिन में चार बार भाप दिलाएं। 
  • विक्स या भाप वाली गोली डालने के साथ आप पुदीने, अजवाइन का भी भाप दे सकती हैं। 

कोरोना होने के बाद बच्चे को क्या खिलाएं? 

  • दवाएं हमेशा डॉक्टर से पूछ्कर दीजिए। 
  • बच्चों को कोविड होने पर आप सरकारी अस्पताल से मुफ्त दवा भी ले सकती हैं। 
  • बच्चों को जूस, सूप, नारियल पानी, चिकन का सूप, अंडा आदि दे सकती हैं। 
  • बच्चों को सुबह शाम नींबू पानी और रात को सोते हुए हल्दी वाला दूध पिलाएं। 
  • दिन में कम से कम तीन बार तो बच्चे को काढ़ा अवश्य दीजिएं। 
  • ज़िंक – ऐसा भोजन जिसमे  पर्याप्त जिंक पाया जाता है खाने में  शामिल करने की कोशिश करें। अंडा इसका एक विशेष उदाहरण हैं।  अगर आप वेजिटेरिअन हैं तो जिंक की टेबलेट जरूर लें। 
  • पानीः बच्चे को पीने के लिए केवल गुनगुना पानी ही देना चाहिए। इसके अलावा बच्चे को गर्रारे करना भी सिखाएं। यह सबसे जरूरी है।  

बच्चों के लिए काढ़ा कैसे बनाएं (Bachho ke liye Covid hone par Kadha kaise de)  

जबसे कोरोना महामारी शुरू हुई है घर के बने काढ़े को लोगों ने खूब इस्तेमाल किया है और कोरोना संक्रमण को काम करने में यह कारगर भी साबित हुआ है।  इसे दिन में काम से काम दो बार बच्चे को जरूर पिलायें। 

आजकल मेडिकल शॉप में काढ़े सामग्री भी उपलब्ध है जिससे आप काढ़ा बड़ी आसानी से बना सकते हैं। 

दूसरा तरीका अगर आप बाजार में उपलब्ध काढ़ा इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो इसे घर में भी आसानी से बना सकते हैं। 

जिसकी विधि कुछ इस प्रकार है:- 1  गिलास पानी को पैन में गर्म होने के गैस में माध्यम आंच में रख दें।  अब इसमें 2 लॉन्ग ,1 बड़ी इलाइची ,थोड़ी से सोंठ या अदरक ,आधे चम्मच हल्दी पाउडर , और 6-7 डेन काली मिर्च कूट के दाल दें।  अब इसे तब तक उबालें जब तक पैन का पानी आधा न रह जाये। 

बाद में इसे थोड़ा ठंडा होने दें और जब हल्का गुनगुना रह जाये तब बच्चे को पिलायें इससे काफी रहत मिलती है। 

गिलोय का काढ़ा – बुखार को ख़त्म करने के लिए गिलोय एक रामबाण इलाज है।  इसका इस्तेमाल करने के लिए लगभग एक गिलास पानी को हलकी आंच में गर्म होने के लिए रख दें अब इसमें लगभग 100 ग्राम गिलोय की बेल का टुकड़ा डालें जब पानी आधा रह जाये तो इसे गैस से उतार लें और हल्का गुनगुना हो जाने पर सेवन कराएं लेकिन ध्यान रहे गिलोय का इस्तेमाल 2 या 3  दिन में एक बार से अधिक न कराएं। 

बच्चों को कोरोना से कैसे बचाएं? (Bachho ko Covid se kaise Bachayen)

    • भीडभाड वाली जगह से बच्चों को दूर रखें। 
    • खुद बाहर से आने के बाद अच्छे से हाथ धोने के बाद ही आपको बच्चे के पास जाना चाहिए। 
    • बच्चे को भी मास्क की आदत डालिए। 
    • बच्चे को सप्ताह में दो बार अच्छे से गरारे कराएं और नाक ना छूने की सख्त हिदायत दें। 
  • फ्लू का इंजेक्शन बच्चे को अवश्य लगवाएं, यह कोरोना से तो नहीं पर सामान्य फ्लू से बच्चे को बचाने में काफी लाभकारी है। 

सबसे जरूरी बात

अभी तक के अध्ययन से पता चला है कि बच्चों पर कोविड का असर बेहद कम है। लेकिन इतना भी कम नहीं कि हम नजरअंदाज करें। इसलिए अगर बच्चे को कोरोना (Bachhe ko corona ho jaye) हो जाए तो बस घबराइएं नहीं। बच्चों की इम्यूनिटी बहुत जल्दी अपने आप को इस काबिल बना लेती है कि वह वायरस से लड़ सके। 

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