बच्चों के दांत निकलते हुए क्या करें?

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जब बच्चों के दांत (Bachhon ke Dant) निकलना शुरु होते हैं तो अक्सर उन्हें कई समस्याएं आती हैं। अक्सर इस समय शिशु को पेट की समस्या, बुखार आदि भी काफी सामान्य होता है। इस समय माता पिता भी काफी परेशान हो जाते हैं। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है आइयें समझें कि आप बच्चों के दांत निकलते हुए क्या कर सकती हैं? साथ ही पहले जानते हैं बच्चों के टीथिंग से लेकर जरूरी बातेंः

बच्चों के दांत कब निकलना शुरु होते हैं                                  (Bachhon ke Dant Kab Nikalte Hain)

अमूमन आठ माह के बाद शिशु के दांत निकलना शुरु हो जाते हैं हालांकि कई बच्चों में यह प्रक्रिया देर से भी शुरु हो सकती है। अगर एक साल के बाद भी शिशु के एक भी दांत ना निकले तो डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए। यहां यह भी ध्यान दें कि कई बच्चों के एक साल तक केवल एक या दो ही दांत निकलते हैं यह सामान्य है।

क्या दांत निकलने पर बुखार दस्त होना सामान्य है?

दरअसल जब बच्चों के दांत निकलते हैं तो वह किसी भी चीज को मुंह में डालते हैं जिस वजह से किटाणु उनके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं इस कारण से दस्त हो सकते हैं। इसके अलावा मसूड़ों में होने वाली सूजन की वजह से शिशु को बुखार आ सकता है।

बच्चों के दांत (Bachhon ke Dant) निकलते हुए किन बातों का ध्यान रखें

साफ़-सफाई

दाँत निकलने से पहले भी बच्चों के मसूड़ों की सफाई करना बहुत आवश्यक है। बच्चों के मसूड़ों को आप अपनी साफ़ उंगली या किसी साफ़ कपड़े को गीला कर के कर सकते हैं। आजकल मार्केट में सिलिकॉन के टूथब्रश आते हैं जो स्पेशली बच्चों के लिए ही बने होते हैं। आप इन ब्रशों का उपयोग कर सकती हैं। 

खाने का रखें ध्यान

जब बच्चों के दांत आ रहे हो तो उन्हें कैल्शियम से भरपूर आहार देने की कोशिश करें। दूध, पनीर, सोयाबिन आदि उनके भोजन में शामिल करें। जब नए दांत आ रहे तो उन्हें चॉक्लेट या अधिक मीठी चीज बिलकुल नहीं दें। 

टीथर

जब बच्चे के दाँत निकलना शुरू होते हैं तो बच्चों के मसूड़ों में दर्द और खुजली होती है। ऐसे में काम आते हैं टीथर। टीथर प्लास्टिक के होते हैं जिनमें लिक्विड भरा होता है और बच्चों को इन्हें काटने से आराम मिलता है। हालांकि  बाजार में मिलने वाले टीथर केमिकल युक्त हो सकते हैं जो बच्चों के लिए नुकसानदायक है। आप इसके स्थान पर शिशु को गाजर को उबालकर और फ्रीज में ठंडा करके भी दे सकती हैं। 

ख्याल रखें मुस्कान का

दांतों की बेहतर देखभाल के लिए हर छह महीने में एक बार डेंटल चेकअप कराना चाहिए। यह बात अगर शुरु से ही अमल में लाए तो बच्चे को भविष्य में कभी भी दांतों की समस्या नहीं होती। 

मालिश करें

जब बच्चे के दाँत निकल रहे हों और वो असुविधा महसूस कर रहा हो तो उसके पैरों की मालिश करें। इससे बच्चा कुछ समय तक राहत महसूस करेगा और उसे जल्दी नींद भी आ जाएगी।

इन बातों से करें परहेज 

  • कई माता पिता शिशु के दांत आने पर दांतों पर शहद लगाते हैं। लेकिन विश्व स्वास्थय संगठन के अनुसार एक साल से पहले शिशु को शहद नहीं देना चाहिए। 
  • बोतल से दूध पीने वाले बच्चों के आगे के दांतों में अक्सर कीड़े लग या कैविटी लग जाते हैं। इससे बच्चे के लिए बच्चे को दांत आने के बाद गिलास या कटोरी से दूध पिलाए।
  • अगर आपके बच्चे के दांत देरी से आ रहे हैं तो इससे डरे नहीं, हर बच्चा अलग होता है और सबका विकास अलग तरीके से होता है। 

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