1 साल के बच्चे का डाइट प्लान (Diet Plan for 1 year child)

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एक साल के बच्चे के दांत निकलना शुरु हो जाते हैं। इस उम्र में बच्चे का विकास भी काफी तेजी से होता है। इस समय तक वह धीरे-धीरे चलना शुरु कर देता है। इसके साथ ही एक साल की उम्र के बच्चे को अधिक पौष्टिक अधिक आहार की जरूरत होती हैं। तो आइयें जानते हैं कि अपने 1 साल के बच्चे का डाइट प्लान (One Year Baby Diet Plan in Hindi) कैसा होना चाहिए? 

तो आइये इस लेख के माधयम से एक साल की उम्र तक के शिशु के लिए उपयुक्त भोजन के बारे में विस्तार से जानते हैं जो कि आसानी से घर में तैयार हो सकें और शिशु के पाचन तंत्र के लिए भी उपयुक्त हो। 

एक साल के बच्चे का डाइट प्लान (1 Year Baby Diet Plan in Hindi)

सुबह-सुबह ब्रेकफास्ट ग्यारह बजे लंच शाम डिनर
सोम स्तनपान/फॉर्म्यूला मिल्क  बेसन का चीला एक फल दाल चावल जूस या सेरेलेक  सीजनल सब्जी के साथ रोटी
मंगल स्तनपान/फॉर्म्यूला मिल्क  वेज पोहा एक फल खिचड़ी रस्क या घर का बना बिस्कुट दाल चावल व सब्जी 
बुध स्तनपान/फॉर्म्यूला मिल्क  अंडा या पनीर  एक फल दलिया खिचड़ी या खीर मिल्क शेक या सेरेलेक  अंडा या पनीर की भूजी के साथ रोटी
गुरु स्तनपान/फॉर्म्यूला मिल्क  सूजी उपमा एक फल दही चावल चिकू या पपीता मेस किया हुआ दाल रोटी या दाल चावल
शुक्र स्तनपान/फॉर्म्यूला मिल्क  डोसा या आमलेट एक फल चिकन या अंडा के साथ रोटी  घर का बना स्नैक दलिया
शनि स्तनपान/फॉर्म्यूला मिल्क  आलू परांठा एक फल वेज पुलाव या दलिया की खिचड़ी हलवा खिचड़ी सब्जी के साथ 

एक साल के बच्चे के लिए बेहतर आहार (Best Indian Foods For 1 Year Old Baby in Hindi)  

फल (fruits) – फल हमारे शारीरिक विकास के लिए बेहद जरुरी होते हैं। इन्हे पचाना भी हमारे पाचन तंत्र के लिए बेहद सरल हो जाता है तथा ये एक साल तक के बच्चे के लिए उपयुक्त आहार है। इसलिए छोटे बच्चों को फलों में केले, चीकू ,संतरा, अंगूर आदि फल खाने की आदत डालें। एक साल के बच्चे को फल हमेशा मैश करके दें। केला कई बार बच्चों के गले में अटकता है इस बात का खास ख्याल रखें। बच्चे को खाना हमेशा अपनी निगरानी में ही खिलाएं। 

शुरुआत में बच्चे को ये सब काम -काम मात्रा में परोसें और धीरे – धीरे फलों के आहार की मात्रा बढ़ाएं ताकि बच्चे को इसकी आदत लगने लगे और साथ ही इन्हे पचने में भी आसानी हो। 

फलों को खिलाने का तरीका (Falon ko khilane ka tarika)– उदाहरण के लिए जब भी बच्चे को केला खिलाएं तो केले के गूदे को किसी चम्मच की सहायता से थोड़ा दबा कर नरम कर लें और फिर चम्मच की सहयता से ही बच्चे को थोड़ा-थोड़ा करके खिलाएं। इसी प्रकार अन्य गूदेदार फल जैसे चीकू , आम ,आड़ू अदि का भी प्रयोग करें। 

बच्चे को भोजन करते समय साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें। 

अगर आप बच्चे को अंगूर या संतरा खिला रहे हैं तो इनके 3 या चार छोटे -छोटे टुकड़े करके ही बच्चे को खिलाएं जिससे बच्चे को निगलने में आसानी हो। कभी भी बच्चे को सीधे फ्रिज निकले हुए फल न खिलाये बल्कि इन्हे कुछ देर फ्रिज के बहार रखकर सामान्य तापमान पर होने दें। ये बच्चे के पाचन तंत्र के लिए बहुत जरूरी है। 

दूध ,दही – यदि आपका बच्चा एक साल से केवल आपका स्तनपान ही कर रहा है तो इस समय उसे गाय का दूध भी पिला सकते हैं। दूध और दही प्रोटीन और कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं, जो बच्चे के लिए हड्डियों की मजबूती और उनके बढ़ते हुए दांतों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह एक साल के बच्चे के लिए उपुक्त आहार है। 

दलीया (Dalia) -जब तक बच्चे लगभग 3-4 साल के नहीं हो जाते, तब तक उन्हें कोई भी भोजन चबाने में काफी दिक्कत होती है। तो उनके लिए बेहतर है कि तब तक उनके भोजन को अच्छे से मैश किया जाये या आसानी से चबाने वाले छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया जाना चाहिए।

दलिया आपके बच्चे के लिए एक उपयुक्त आहार है क्यूंकि एक साल की उम्र का बच्चा इसे आसानी से निगल सकता है। दलिया में पाया जाने वाले प्रोटीन, कार्ब्स, विटामिन और खनिज बच्चे की सेहत और उनके शारीरिक विकास के लिए बहुत प्रभावशाली पौषक तत्व है।

अंडे (Egg) – अंडा बच्चों  के लिये एक पौष्टिक आहार है। अंडे में प्रोटीन, फैट और अन्य पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो कि आंख और दिमाग दोनों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। एक साल के बच्चे को अंडे खिलने के लिए अंडे को उबाल लें और छीलकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर के या अच्छे से मैश करके ही खिलाएं। लेकिन इसका विशेष ध्यान रखें की अंडे के इतने छोटे टुकड़े करें कि आपका बच्चा इसे खुद से खा सके।

एक साल के बच्चे के लिये डाइट (Ek Saal Ke Bachhe Ke Liye Diet Plan ) –1 साल के बच्चों का डाइट प्लान बनाते समय ध्यान रखें कि दिनभर में कम से कम तीन बार मां का दूध या फॉर्म्यूला मिल्क जरूर दें। इसे धीरे-धीरे कम करके आप दो बार कर सकती हैं लेकिन कम से कम दो बार बच्चे को दूध बहुत जरुरी है। 

इसके अलावा दो बार हल्का खाना देना चाहिए जिस की मात्रा दिन में दो से तीन बार हो। कुल मिलाकर बच्चे को कम से कम पांच से छः बार आहार की मात्रा हो जिसमे दूध और ठोस भोजन दोनों शामिल हैं। यदि आपको ऐसा लग रहा है कि बच्चा ठोस आहार नहीं ले रहा तो आप दो बार के ठोस आहार को ब्रेकफास्ट और लंच के बीच में और लंच और डिनर के बीच के खाने को कॉर्नफ्लैक्स , स्मूदी, शेक, जूस आदि से बदल सकती हैं।

बच्चे का पाचन तंत्र बड़ों के मुकाबले काफी कमजोर होता है इसलिए उन्हें भोजन देते समय सही आहार का चयन करना बेहद जरुरी है। इसके साथ ही उन्हें नए-नए स्वादों और व्यंजनों का परिचय देना भी आवश्यक हो जाता है । 

लाइफ में हम अपने मनपसंद भोजन का चयन जल्दी कर लेते हैं इसलिए बच्चे को भी एक साल की उम्र तक पौष्टिक आहार का स्वाद जानने में मदद करें। जिससे बच्चे का शारीरिक विकास तेजी से हो सके। 

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